अब तो लौट आओ ना !! By Vishal Kumar
अब तो लौट आओ ना !
हर एक पल हसीन सौगात थी ,
हर एक लम्हा सुहाना सा था ,
मेरा दिल भी न जाने क्यों बेगाना सा था |
तेरी वो CUTE सी SMILE ,
जैसे बिना PASSWORD का Wi -Fi ,
पास आते ही तेरा Auto-Connect हो जाना ,
और मेरे सिस्टम का Totally Update हो जाना |
तेरे साथ वो Chill-Out करना ,
ट्रैफिक का फाइन भी तेरे द्वारा भरना ,
यु DESPO के तरह तेरा मुझे तकना ,
चलते चलते तेरा बिच सड़क पे गिरना |
याद है तेरी वो दोस्त PRIYA
वो जब मेरा हाथ पकड़ती थी तो तु दूर चली जाती थी ,
शायद तुझे वो बिलकुल नहीं भाती थी |
तू मुझपे मरती थी , लेकिन कहने से डरती थी
मैं भी मरता था तेरी इस नादानी पे
फिर तेरा इज़हार और हम दोनों का बेसुमान प्यार |
पर अब क्या हो गया तुम्हे ??
माना कि दुरिया बढ़ गयी है हमारे बीच
मगर वो एहसास आज भी ज़िंदा है ,
ये सही है कि अब हमारी घंटो बाते नहीं होती ,
मेरे कंधे पर तु सिर झुकाया नहीं करती ,
तेरे हाथो की गर्माहट मैं महसूस नहीं करता |
मगर क्या सिर्फ यही प्यार है ??
क्या प्यार सिर्फ दो जिस्मो से होता है ??
यार ,इसको जरुरत होती है दो बेपरवाह दिलों की,
दो ऐसे दिल जो सिर्फ एक जान हो |
जबसे आयी हो मेरे आँखों के सामने
मेरे ज़िन्दगी के हर पन्ने में शामिल होते जा रही हो
अब इस दिल को और तड़पाओ न !
सुनो ना ! अब तो लौट आओ ना |
-By Vishal Kumar
Vishal kumar
ReplyDelete👌👌👌👌
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