अब तो लौट आओ ना !! By Vishal Kumar
अब तो लौट आओ ना ! तु साथ थी तो क्या बात थी , हर एक पल हसीन सौगात थी , हर एक लम्हा सुहाना सा था , मेरा दिल भी न जाने क्यों बेगाना सा था | तेरी वो CUTE सी SMILE , जैसे बिना PASSWORD का Wi -Fi , पास आते ही तेरा Auto-Connect हो जाना , और मेरे सिस्टम का Totally Update हो जाना | तेरे साथ वो Chill-Out करना , ट्रैफिक का फाइन भी तेरे द्वारा भरना , यु DESPO के तरह तेरा मुझे तकना , चलते चलते तेरा बिच सड़क पे गिरना | याद है तेरी वो दोस्त PRIYA वो जब मेरा हाथ पकड़ती थी तो तु दूर चली जाती थी , शायद तुझे वो बिलकुल नहीं भाती थी | तू मुझपे मरती थी , लेकिन कहने से डरती थी मैं भी मरता था तेरी इस नादानी पे फिर तेरा इज़हार और हम दोनों का बेसुमान प्यार | पर अब क्या हो गया तुम्हे ?? माना कि दुरिया बढ़ गयी है हमारे बीच मगर वो एहसास आज भी ज़िंदा है , ये सही है कि अब हमारी घंटो बाते नहीं होती , मेरे कंधे पर तु सिर झुकाया नहीं करती , तेरे हाथो की गर्माहट मैं महसूस नहीं करत...