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Showing posts from August, 2018

अब तो लौट आओ ना !! By Vishal Kumar

अब तो लौट आओ  ना ! तु साथ थी तो क्या बात थी , हर एक पल हसीन सौगात थी , हर एक लम्हा सुहाना सा था , मेरा दिल भी न जाने क्यों बेगाना सा था |  तेरी वो CUTE सी SMILE , जैसे बिना PASSWORD का Wi -Fi , पास आते ही तेरा Auto-Connect हो जाना , और मेरे सिस्टम का Totally Update हो जाना |  तेरे साथ वो Chill-Out करना , ट्रैफिक का फाइन भी तेरे द्वारा भरना , यु DESPO के तरह तेरा मुझे तकना ,  चलते चलते तेरा बिच सड़क पे गिरना |  याद है तेरी वो दोस्त PRIYA  वो जब मेरा हाथ पकड़ती थी तो तु दूर चली जाती थी , शायद तुझे वो बिलकुल नहीं भाती थी |  तू मुझपे मरती थी , लेकिन कहने से डरती थी  मैं भी मरता था तेरी इस नादानी पे  फिर तेरा इज़हार और हम दोनों का बेसुमान प्यार |  पर अब क्या हो गया तुम्हे ?? माना कि दुरिया बढ़ गयी है हमारे बीच  मगर वो एहसास आज भी ज़िंदा है , ये सही है कि अब हमारी घंटो बाते नहीं होती , मेरे कंधे पर तु सिर झुकाया नहीं करती , तेरे हाथो की गर्माहट मैं महसूस नहीं करत...

अब हम बड़े हो गए है | By Vishal Kumar

अब हम बड़े हो गए है |   निकल पड़े है एक अनजान से रास्ते पर , अरमानो को गले लगाए , जिम्मेदारिया बढ़ चुकी है मेरी , क्युकि अब हम बड़े हो गए है | एक बार बोल देने से ही फ़रमाइसे  पूरी हो जाती थी , उस घर में सिर्फ मेरी ही मनमानी होती थी , अब दुनिया के धक्के खा कर समझ आया है , वो पिता भी फरिश्ते से कम न था | कददू पसंद नहीं था मुझे  , मग़र अब खिचड़ी भी खा ही लेते है | बना-बनाया खाने वाले , अब कुछ भी कच्चा-पक्का सा खा ही लेते है | | अपने FAVORITE PILLOW के लिए फाइट करने वाले , अब नीचे जमीन पर भी सो जाया करते है , अब तो नींद भी उतनी नहीं आती साहब , क्युकि अब हम बड़े हो गए है | | याद आता है वो पल , जब माँ के सुबह उठाने पे चिल्लाते थे | अब तो ALARM से पहले ही उठ जाते है और सोचते है , काश !! हम बड़े ही न हुए होते |                              --- विशाल कुमार

Rhymes Of Soul | by Vishal Kumar

Long distance relationship उसको देखे महीनो बीत गए , स्पर्श को भी ये बदन तरस गए , उसका लड़ना झगड़ना रूठ जाना  , फिर खुद ही आकर SORRY बोल जाना | उससे छोटी छोटी बातो पे लड़ना , मैं  रूठु  तो  उसका मानना , वो रूठे तो मेरा रिझाना , कुछ पल  हाथ पकड़  कर चलना , और फिर अचानक से थम सा जाना | उसके हाथो की गरमाहट , उसके माथे पे वो चुम्बन , वो कातिलाना SMILE , और कभी प्यारा सा तेवर || मुझे छोटी सी खरोच भी आये तो वो चीख जाती थी , "APNA KHAYAL RAKHA KARO" यही बार बार दुहराती थी | जब सोचता हूँ ये सब तो मायूसी सी छा जाती है चेहरे पर , फिर एक ही ख्याल  आता है। ...... काश ! मैं  वहां  से गया ही ना  होता | जी हां ! अब वो और मैं  साथ नहीं | We are no more with each other , but still we used to experience all those feelings by just talking with each other one phone for few minutes . वो मुझसे दूर है फिर भी दिल के करीब है , मैं  उसके पास नहीं , फिर भी वो खुश है | रिश्तों को जरुरत होती है विस्वास की ,...